Introduction | प्रस्तावना
शिक्षा केवल जानकारी देने की प्रक्रिया
नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के समग्र विकास
(Holistic Development) का माध्यम है। इस विकास को व्यवस्थित और
प्रभावी बनाने के लिए शिक्षण को वैज्ञानिक आधार पर योजनाबद्ध किया जाता है। इसी
संदर्भ में Bloom’s
Taxonomy एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जिसे बाद में संशोधित (Revised) करके
अधिक व्यावहारिक और आधुनिक बनाया गया।
Revised Bloom’s Taxonomy शिक्षण
के उद्देश्यों को तीन प्रमुख क्षेत्रों—Cognitive (संज्ञानात्मक), Affective (भावात्मक), और
Psychomotor (मनो-क्रियात्मक)—में विभाजित करता है, जो
शिक्षक के Instructional
Behavior (शिक्षण व्यवहार) को दिशा प्रदान करते हैं।
Meaning of Revised Bloom’s Taxonomy | संशोधित ब्लूम वर्गीकरण का अर्थ
Revised Bloom’s Taxonomy एक
ऐसा ढांचा (Framework) है, जो
यह बताता है कि शिक्षक किस प्रकार विद्यार्थियों में विभिन्न स्तरों पर सीखने की
प्रक्रिया विकसित कर सकते हैं। यह केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं है,
बल्कि सोचने, महसूस करने और कार्य करने की क्षमता को
भी विकसित करता है।
Objectives of Instructional Behavior | शिक्षण व्यवहार के उद्देश्य
शिक्षण व्यवहार के माध्यम से शिक्षक
निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करना चाहते हैं—
- विद्यार्थियों में ज्ञान और समझ विकसित
करना
- उच्च स्तरीय चिंतन (Higher Order
Thinking Skills) को बढ़ावा देना
- सकारात्मक दृष्टिकोण और मूल्यों का विकास
करना
- कौशल आधारित अधिगम को प्रोत्साहित करना
1. Cognitive Domain (संज्ञानात्मक क्षेत्र)
Meaning | अर्थ
संज्ञानात्मक क्षेत्र का संबंध मानसिक
प्रक्रियाओं (Mental Processes) से है, जैसे—सोचना, समझना, विश्लेषण
करना आदि।
Levels of Cognitive Domain | संज्ञानात्मक क्षेत्र के स्तर
Revised Bloom’s Taxonomy में
Cognitive Domain को 6 स्तरों
में विभाजित किया गया है—
1. Remembering (स्मरण करना)
- तथ्य, परिभाषाएँ और जानकारी को याद करना
- Instructional Behavior: शिक्षक
प्रश्न पूछते हैं जैसे—“बताइए…”, “परिभाषित कीजिए…”
2. Understanding (समझना)
- जानकारी को अपने शब्दों में समझाना
- Instructional Behavior: “व्याख्या
कीजिए…”, “सारांश बताइए…”
3. Applying (अनुप्रयोग करना)
- सीखी हुई जानकारी का उपयोग करना
- Instructional Behavior: “इस नियम का
उपयोग करके हल कीजिए…”
4. Analyzing (विश्लेषण करना)
- जानकारी को भागों में विभाजित करना
- Instructional Behavior: “तुलना
कीजिए…”, “कारण बताइए…”
5. Evaluating (मूल्यांकन करना)
- निर्णय लेना और तर्क प्रस्तुत करना
- Instructional Behavior: “आपकी राय
में…?”, “आलोचना कीजिए…”
6. Creating (सृजन करना)
- नई चीज़ों का निर्माण करना
- Instructional Behavior: “एक
प्रोजेक्ट तैयार कीजिए…”, “नई योजना बनाइए…”
2. Affective Domain (भावात्मक क्षेत्र)
Meaning | अर्थ
यह क्षेत्र विद्यार्थियों की भावनाओं,
दृष्टिकोण, मूल्यों और रुचियों से संबंधित है।
Levels of Affective Domain | भावात्मक क्षेत्र के स्तर
1. Receiving (ग्रहण करना)
- ध्यान देना और सुनना
- Instructional Behavior: शिक्षक
छात्रों को प्रेरित करते हैं कि वे ध्यानपूर्वक सुनें
2. Responding (प्रतिक्रिया देना)
- सक्रिय भागीदारी
- Instructional Behavior: प्रश्न
पूछना, चर्चा कराना
3. Valuing (मूल्य देना)
- किसी विचार को महत्व देना
- Instructional Behavior: नैतिक
कहानियाँ, उदाहरण
4. Organizing (संगठन करना)
- मूल्यों को व्यवस्थित करना
- Instructional Behavior: वाद-विवाद,
समूह चर्चा
5. Characterization (विशेषता बनाना)
- व्यवहार में स्थायी परिवर्तन
- Instructional Behavior: आदर्श
व्यवहार को प्रोत्साहित करना
3. Psychomotor Domain (मनो-क्रियात्मक क्षेत्र)
Meaning | अर्थ
यह क्षेत्र शारीरिक कौशल (Physical
Skills) और क्रियात्मक गतिविधियों से संबंधित
है।
Levels of Psychomotor Domain | मनो-क्रियात्मक क्षेत्र के स्तर
1. Imitation (अनुकरण)
- देखकर कार्य करना
- Instructional Behavior: शिक्षक
प्रदर्शन (Demonstration) करते हैं
2. Manipulation (प्रयोग)
- निर्देश के अनुसार कार्य करना
- Instructional Behavior: अभ्यास
कराना
3. Precision (सटीकता)
- सही और सटीक कार्य करना
- Instructional Behavior: सुधार और
फीडबैक देना
4. Articulation (समन्वय)
- विभिन्न कौशलों का समन्वय
- Instructional Behavior: जटिल कार्य
करवाना
5. Naturalization (स्वाभाविकता)
- कौशल का स्वाभाविक रूप से प्रदर्शन
- Instructional Behavior: स्वतंत्र
कार्य और प्रोजेक्ट
Role of Instructional Behavior in Bloom’s
Taxonomy
ब्लूम वर्गीकरण में शिक्षण व्यवहार की भूमिका
शिक्षक का व्यवहार Bloom’s
Taxonomy के प्रत्येक स्तर को प्रभावी बनाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है—
- सही प्रश्न पूछना (Questioning
Technique)
- उपयुक्त शिक्षण विधियों का चयन
- प्रेरणा और फीडबैक देना
- विद्यार्थियों को सक्रिय बनाना
Importance of Revised Bloom’s Taxonomy
संशोधित ब्लूम वर्गीकरण का महत्व
- शिक्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाता है
- मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावी बनाता है
- विद्यार्थियों में समग्र विकास करता है
- शिक्षकों को बेहतर योजना बनाने में मदद
करता है
Conclusion | निष्कर्ष
Revised Bloom’s Taxonomy शिक्षण-अधिगम
प्रक्रिया को व्यवस्थित, प्रभावी और परिणाममुखी बनाने का एक
महत्वपूर्ण उपकरण है। यह केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के विचार, भावनाओं
और कौशलों के संतुलित विकास को सुनिश्चित करता है।
